कांग्रेस ने केरल की सर्वोच्च जिम्मेदारी वीडी सतीशन को सौंपी

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नई दिल्ली। केरल की सियासत में पिछले दस दिनों से चल रही मुख्यमंत्री पद की उठापटक आखिरकार खत्म हो गई। कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। एआईसीसी की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने आधिकारिक तौर पर उनके नाम की घोषणा की। इस ऐलान के साथ ही मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला की दावेदारी खत्म हो गई। वीडी सतीशन के मुख्यमंत्री चुने जाने को कांग्रेस संगठन के भीतर एक बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह फैसला पार्टी हाईकमान द्वारा संगठनात्मक संतुलन और जनसमर्थन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे साफ हो गया है कि कांग्रेस नेतृत्व ने केरल में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित हुए थे। देश के बाकी राज्यों में जहां चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री पद के नाम तय कर शपथ ग्रहण तक करा दिया गया, वहीं केरल में मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति बनने में पूरे 10 दिन लग गए। इस देरी की सबसे बड़ी वजह कांग्रेस के भीतर चली लंबी खींचतान और गुटबाजी रही। दरअसल मुख्यमंत्री पद की रेस में तीन बड़े नाम सामने थे, वीडी सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। तीनों नेताओं के समर्थक लगातार अपने-अपने नेता के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे थे। कांग्रेस विधायक दल के कई सदस्य कथित तौर पर केसी वेणुगोपाल के पक्ष में थे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर पर वीडी सतीशन को व्यापक समर्थन मिल रहा था।

वीडी सतीशन पिछले कुछ वर्षों में केरल कांग्रेस का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। वर्ष 2022 में पार्टी की हार के बाद उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका निभाई और जनता के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई। यही वजह रही कि संगठन के भीतर भी उनके समर्थन में माहौल मजबूत होता गया। इस राजनीतिक रस्साकशी को खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान लगातार मंथन कर रहा था। गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा से पहले पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ अंतिम दौर की चर्चा की। इस बैठक में एआईसीसी प्रभारी दीपा दासमुंशी के अलावा वरिष्ठ पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक भी शामिल रहे। इन नेताओं ने हाल ही में सभी नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात कर उनकी राय जानी थी। सूत्रों के मुताबिक बुधवार शाम राहुल गांधी ने भी खड़गे के साथ करीब आधे घंटे तक मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा की थी। इसके बाद गुरुवार सुबह राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल के बीच भी मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि इसी बैठक में वेणुगोपाल को पीछे हटने के लिए राजी किया गया, जिससे मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम सहमति बन सकी। केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। कांग्रेस के पास खुद 63 विधायक हैं, जबकि सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (22), केरल कांग्रेस (8) और आरएसपी (3) के साथ गठबंधन बेहद मजबूत स्थिति में है।