Apr 07, 2026

धारचूला में 'पहाड़' जैसी चुनौती: 600 पोटर पदों के लिए उमड़ा देश, 600 किमी दूर से पहुंचे हजारों युवा

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उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला में इन दिनों देश के कोने-कोने से आए युवाओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। मौका है पंचशूल ब्रिगेड की कुमाऊं हिल पोर्टर कंपनी द्वारा आयोजित चार दिवसीय पोटर भर्ती का। महज 179 दिनों के अस्थायी अनुबंध वाली इस नौकरी को पाने की चाहत ऐसी है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से दो हजार से अधिक युवा 600 किलोमीटर से भी अधिक की दूरी तय कर हिमालय की गोद में स्थित इस सीमांत कस्बे में पहुंचे हैं।

कुमाऊं हिल पोर्टर कंपनी (पंचशूल ब्रिगेड) द्वारा आयोजित इस भर्ती में चयनित पोटर्स को केवल 179 दिनों के लिए अस्थायी अनुबंध पर नौकरी मिलेगी। इसके बावजूद दूर-दूर से युवा इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते। कई युवाओं ने 600 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर धारचूला पहुंचकर अपनी किस्मत आजमाई। सोमवार सुबह चार बजे से ही युवा कुमाऊं स्काउट की फायरिंग रेंज ग्राउंड पर पहुंचने लगे थे। पहले दिन करीब एक हजार युवाओं ने दौड़ पूरी की, जिसमें 525 सफल रहे। सफल युवाओं की मेडिकल जांच और अन्य औपचारिकताएं सेना के मेडिकल अधिकारियों द्वारा की जा रही हैं। शेष युवाओं की दौड़ मंगलवार को होगी। भर्ती को सुचारू रूप से कराने के लिए प्रशासन ने भी पूरी तैयारी की है। टनकपुर से धारचूला के लिए रोडवेज ने अतिरिक्त बसें चलाईं। बाहरी राज्यों से आए युवाओं के लिए रहने और पानी की व्यवस्था ब्लॉक सभागार, स्टेडियम, जीजीआईसी और जीआईसी पर की गई। रविवार रात करीब 500 से अधिक युवाओं ने इन स्थानों पर रात्रि विश्राम किया। एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि युवाओं की सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए गए हैं। युवाओं ने प्रशासन की इन व्यवस्थाओं की सराहना की है। पोटर की यह नौकरी अस्थायी है, लेकिन सीमांत क्षेत्र में सेना की सहायता के रूप में यह काम महत्वपूर्ण माना जाता है। बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं के लिए यह 179 दिनों की नौकरी भी अच्छा अवसर साबित हो रही है। धारचूला में इन दिनों युवाओं का जमावड़ा लगा हुआ है और भर्ती स्थल पर उत्साह का माहौल है।