एक ही दुकान में साथ काम करते-करते किया नाबालिग का शोषण, चंपावत में बीएनएस धारा 64 के तहत FIR

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उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक स्थानीय प्रतिष्ठान में काम करने वाली नाबालिग किशोरी के गर्भवती होने की खबर से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अस्पताल से मिली गुप्त सूचना के बाद हरकत में आई चंपावत पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले का रहने वाला है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता और आरोपी युवक चंपावत नगर के ही एक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में एक साथ काम करते थे। साथ काम करने के दौरान ही दोनों के बीच जान-पहचान और नजदीकियां बढ़ीं, जिसका फायदा उठाकर युवक ने किशोरी का शारीरिक शोषण किया। बीते दिनों किशोरी को शारीरिक बदलावों और मासिक धर्म न होने पर कुछ संदेह हुआ। इसके बाद आरोपी युवक खुद किशोरी को नगर के एक निजी अस्पताल में जांच के लिए लेकर गया। अस्पताल में जब किशोरी की अल्ट्रासाउंड जांच की गई, तो डॉक्टरों की टीम के सामने उसके गर्भवती होने की पुष्टि हो गई। चूंकि मामला सीधे तौर पर एक नाबालिग लड़की से जुड़ा हुआ था, इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने बेहद जिम्मेदारी दिखाते हुए मामले को दबाने के बजाय तत्काल इसकी सूचना 'चाइल्ड हेल्पलाइन' को दे दी। चाइल्ड हेल्पलाइन द्वारा किशोरी की उम्र 18 वर्ष से कम होने की आधिकारिक पुष्टि की गई। इसके बाद पुलिस और संबंधित प्रशासनिक विभाग तुरंत सक्रिय हो गए। चंपावत की क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल ने बताया कि यह घटना 4 जून की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली चंपावत में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 और पॉक्सो अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीएस बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए आरोपी युवक को दबोच लिया और न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। दूसरी तरफ, चाइल्ड हेल्पलाइन और महिला पुलिस कर्मियों द्वारा पीड़ित किशोरी की उचित काउंसलिंग की गई, जिसके बाद उसे उसके माता-पिता और परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की विस्तृत विवेचना उपनिरीक्षक प्रियंका मौर्य द्वारा की जा रही है और हर पहलू की गहनता से पड़ताल कर सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।