जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर सीएम धामी ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं,बोले-गीता का निष्काम कर्म आज भी प्रासंगिक

Blog
 Image

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने एक विशेष संदेश में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेश की शांति, सुख, समृद्धि और सभी नागरिकों की खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन दर्शन को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन संपूर्ण मानवता को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की अमर प्रेरणा देता है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानवता को सत्य, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण केवल धार्मिक आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे संरक्षक, मार्गदर्शक और जीवन दर्शन के प्रेरणास्रोत भी हैं। उनका जीवन समाज को प्रेम, त्याग, सेवा, करुणा, सद्भाव और समरसता जैसे मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व और उनके जीवन से जुड़े आदर्श आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने तथा उनके कल्याण का संदेश दिया। उनका जीवन यह सिखाता है कि समाज में आपसी सहयोग, समानता और सद्भाव की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। जन्माष्टमी का पर्व हमें इन्हीं मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। सीएम धामी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया निष्काम कर्म का संदेश वर्तमान समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। गीता के माध्यम से श्रीकृष्ण ने मानव मात्र को अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने तथा परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर कर्म करते रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों के बीच गीता का संदेश व्यक्ति को आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। गीता में निहित भक्ति, ज्ञान, योग और कर्म का दर्शन जीवन में संतुलन बनाए रखने का मार्ग दिखाता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जन्माष्टमी के पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक समरसता की भावना के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कामना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से उत्तराखंड सहित देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का संचार हो।