ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में डर, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का पर्याय बने 'किंग ऑफ उत्तराखंड' नाम से चर्चित जगजीत सिंह जग्गा के आपराधिक साम्राज्य पर पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। संगठित अपराध, ब्लैकमेलिंग और लोगों को डरा-धमकाकर पैसे वसूलने के गंभीर आरोपों के तहत ऋषिकेश पुलिस ने जग्गा समेत उसके दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद इस गिरोह के खिलाफ गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम यानी गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई की है।
ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी जगजीत सिंह जग्गा लंबे समय से इलाके में संगठित रूप से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। वह मुख्य रूप से भूमि विवादों और पारिवारिक झगड़ों में जबरन हस्तक्षेप करता था। इसके बाद पीड़ित पक्षों को डरा-धमकाकर, उनके साथ मारपीट कर अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग करता था। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि जग्गा लोगों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें फंसाने की धमकी देता था और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का भय दिखाकर अनावश्यक मानसिक व आर्थिक दबाव बनाता था। आरोपी जग्गा इलाके में अपना खौफ कायम करने के लिए खुद को 'किंग ऑफ उत्तराखंड' के नाम से पुकारवाता था। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि जगजीत सिंह के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर धाराओं में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियों में कमी नहीं आ रही थी। जिसके बाद पुलिस ने पूरे गिरोह को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मामला दर्ज किया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जगजीत सिंह जग्गा और उसके दो अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह से जुड़े चौथे आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी तरह के संगठित अपराध और ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

