Wednesday, July 17, 2024
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उत्तराखंड में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पीसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाई! तीन महीने में 300 से ज्यादा को दिए नोटिस

उत्तराखंड में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड इन दिनों फुल फॉर्म में दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि बोर्ड ने पिछले तीन महीनों में ही 300 से ज्यादा औद्योगिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पर्यावरण प्रदूषण करने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। नियमों का पालन न करने वालों में तमाम निजी प्रतिष्ठानों से लेकर सरकारी संस्थान भी शामिल हैं। खास बात यह है कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा कई संस्थानों को तो क्लोजर नोटिस भी दिए गए हैं। जिससे औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मचा हुआ है।

उत्तराखंड में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ताबड़तोड़ कार्रवाई से औद्योगिक और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। ताबड़तोड़ कार्रवाई का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक 378 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। ऐसा काम ही देखा गया है, जब नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों पर इतनी तेजी या बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा एयर और वॉटर एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसके तहत इन संस्थाओं को जिन शर्तों के साथ एनओसी दी गई थी, उन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। ऐसे में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में शिकायतें आने के बाद ऐसे संस्थानों को नोटिस दिए गए हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा कई होटलों पर जमकर कार्रवाई की गई है। मसूरी में पर्यटकों की भारी आवक के चलते सैकड़ों होटल यहां संचालित किए जा रहे हैं, ऐसे में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने जब मसूरी में चल रहे होटलों को लेकर जांच की तो पाया गया कि कई होटल बिना एनओसी के ही संचालित हो रहे थे। यही नहीं कई होटलों में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. ऐसी में अब तक आठ होटलों को बंद करवाया जा चुका है, जबकि इसके अलावा भी कई होटलों को नोटिस जारी किए गए हैं। वैसे मसूरी में अवैध रूप से होटल चलाने को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। कई नामी होटल भी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की कार्रवाई की जद में आए हैं।

पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड एनवायरमेंट प्रोटक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई करता है, इसमें एयर एक्ट और वॉटर एक्ट में नोटिस जारी किए जाते हैं। कई संस्थाओं द्वारा वाटर एक्ट का पालन नहीं किया जा रहा था तो कुछ संस्थान एयर एक्ट के नियमों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसी को देखते हुए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने इस बार कोताही ना बरतते हुए इंडस्ट्री और व्यवसायियों को कड़ा संदेश दिया है। बोर्ड ने सरकारी और निजी संस्थानों को मानकों का पालन नहीं करने पर दो तरह के नोटिस जारी किए हैं. कुछ संस्थानों को कारण बताओं नोटिस जारी हुए हैं। यह वह संस्थान हैं, जिनके खिलाफ या तो शिकायतें मिल रही थी या फिर निरीक्षण के दौरान जिन्हें मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इन संस्थाओं से अब इसके लिए जवाब मांगा गया है और इनका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की तरफ से क्लोजर नोटिस भी दिए गए हैं। यह वह संस्थान हैं जिन्हें पहले कारण बताओं नोटिस दिए गए थे। लेकिन जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने और नोटिस के बावजूद मानकों को पूरा नहीं करने के लिए उन्हें क्लोजर नोटिस जारी हुए। इस नोटिस के जारी होने के बाद इन्हें इन प्रतिष्ठान को फिलहाल बंद करना होगा और फिर से बोर्ड को संतोषजनक जवाब भी देना होगा। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में इस बार बड़ी संख्या में नोटिस जारी हुए हैं, हालांकि पिछले वित्तीय वर्ष में काफी कम नोटिस जारी हो पाए थे। माना जा रहा है कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में नए सदस्य सचिव की तैनाती के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। इस पद पर सरकार ने मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी दी है। उधर एक तरफ जहां तमाम नोटिस जारी हो रहे हैं तो वहीं लंबे समय से अवैध रूप से पर्यावरणीय नियमों का पालन न करते हुए संस्थानों को संचालित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। नियमों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों की अनदेखी करने पर अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है। ऐसे में अधिकारियों का चिन्हीकरण करते हुए उनके खिलाफ भी एक्शन लेने का मन बनाया गया है।

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