Saturday, February 4, 2023
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उत्तराखण्डः स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर लिया जा रहा फीडबैक! सहायक शिक्षा निदेशक डॉ. घिल्डियाल को स्कूलों ने भेजे आमंत्रण पत्र, बोले- शिक्षा के स्तर को सुधारना प्राथमिकता

देहरादून। विभाग कोई भी हो, जब उस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी ईमानदारी और निष्ठा से काम करते हैं तो उसके सही परिणाम जगजाहिर होते हैं और उसका सकारात्मक प्रभाव समाज पर पड़ता है। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में रहने वाले सहायक शिक्षा निदेशक डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल लगातार तमाम स्कूलों का निरीक्षण और स्कूलों में होने वाले कार्यक्रमों में भाग लेकर शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। मीडिया से हुई बातचीत के दौरान डॉ. घिल्डियाल ने बताया कि बच्चों को स्कूलों में बेहतर से बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिले, इसके लिए विभाग और सरकार के सहयोग से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की व्यवस्था में सुधार की दिशा में भी लगातार कार्य किए जा रहे हैं ताकि स्कूलों में माहौल बच्चों के अनुकूल बना रहे। कहा कि शिक्षकों और स्टॉफ की समस्याओं पर भी समय-समय पर मंथन किया जाता है। उन्होंने कहा कि वह लगातार स्कूलों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए फीडबैक लेते हैं। इसी क्रम में साल के आखिरी दिनों में राज्य के प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक अधिकांश शिक्षण संस्थाओं में वार्षिक उत्सव का आयोजन चल रहा है। इन कार्यक्रमों में सहायक निदेशक डॉ. घिल्डियाल को बतौर अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। बता दें कि डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल विज्ञान और वेदांत में एक साथ उच्च शिक्षित अधिकारी हैं, उनका हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ है। शिक्षा विभाग में काफी सख्त मिजाज प्रशासक के साथ-साथ वह लोकप्रिय अधिकारी भी बने हुए हैं, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रवक्ता रहते हुए उन्हें वर्ष 2015 में राज्य का प्रथम गवर्नर अवार्ड भी दिया गया, इसके अतिरिक्त भी उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। डॉ. घिल्डियाल ने बताया कि राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थाओं से उन्हें लगातार मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने के आमंत्रण पत्र प्राप्त हुए हैं, जिसमें उनकी कोशिश अपने कर्तव्य पालन के साथ-साथ अधिक से अधिक शिक्षण संस्थाओं की भावनाओं को देखते हुए आमंत्रण पत्र स्वीकार करने की रहती है।

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