Monday, June 17, 2024
No menu items!
Google search engine
Homeउत्तराखंडबिना परमिट के कांवड़ियों की नो एंट्री! सीमा पर ही रोके जाएंगे...

बिना परमिट के कांवड़ियों की नो एंट्री! सीमा पर ही रोके जाएंगे वाहन

उत्तराखंड में इस बार आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए परिवहन विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। यात्रा के दौरान बिना परमिट और जुगाड़ से बनाए गए अवैध वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के लिए उत्तराखंड परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश को पत्र लिखा है। पत्र में इन सभी राज्यों के परिवहन आयुक्तों से अपनी राज्य की सीमा में ही बिना परमिट व नियम विरुद्ध बनाए गए वाहनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। साथ ही इन सभी राज्यों के आयुक्तों के साथ 30 जून को ऑनलाइन बैठक भी बुलाई की गई है, जिसमें उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के मद्देनजर सुरक्षित यात्रा पर चर्चा की जाएगी। प्रदेश में चारधाम यात्रा चार जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा में हर वर्ष करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। गत वर्ष सावन की शिवरात्रि से पहले हरिद्वार में कांवड़ लेने के लिए 3.88 करोड़ कांवड़िये देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे थे। इस वर्ष कांवड़ मेले में कांवड़ियों की संख्या बढऩे की उम्मीद है।

कांवड़ यात्रा के दौरान यह भी देखा गया है कि डाक कांवड़ में काफी बड़ी संख्या में कांवड़िये बिना परमिट वाहनों से यात्रा करते हैं। ट्रेक्टर-ट्राली, ट्रक आदि खुले वाहनों में कांवड़िये बड़-बड़े लाउडस्पीकर लगाकर सफर करते हैं। दुपहिया वाहनों से नियम विरुद्ध साइलेंसर हटाकर इनका तेज आवाज के साथ संचालन किया जाता है। कुछ शरारती तत्व हथियार, हाकी, लाठी व डंडे लेकर भी चलते हैं। यहां तक कि कुछ लोग नशीले पदार्थों का सेवन कर वाहन संचालन करते हैं जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सरकार की मंशा यह है कि ऐसे वाहनों व अराजक तत्वों को उनके प्रदेश की ही सीमा पर ही रोक लिया जाए तो यात्रा निरापद रूप से संचालित हो सकती है। ऐेसे में परिवहन विभाग ने इन सभी राज्यों से सहयोग मांगा है। सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा इस संबंध में सभी राज्यों को पत्र भेजा गया है।संयुक्त परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के सफल संचालन को लेकर सभी राज्यों से सहयोग मांगा जा रहा है। परिवहन विभाग ने कांवड़ यात्रा के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें देहरादून के आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। एआरटीओ, ऋषिकेश मोहित कोठारी, एआरटीओ हरिद्वार रश्मि पंत और एआरटीओ प्रवर्तन रुड़की कुलवंत सिंह को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -spot_imgspot_img

ताजा खबरें