Saturday, February 4, 2023
No menu items!
Google search engine
Homeआरबीआईमौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद आरबीआई ने बढ़ाया 30 बेसिस...

मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद आरबीआई ने बढ़ाया 30 बेसिस प्वॉइंट

आरबीआई (RBI) ने आज अपनी मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy) की बैठक के फैसलों का ऐलान कर दिया है . केंद्रीय बैंक ने एक बार फिर रेपो रेट (Repo Rate Hike) में 30 बेसिस प्वॉइंट या 0.35 प्रतिशत का इजाफा कर दिया है. जिसके बाद अब रेपो रेट 5.90% से बढ़कर 6.25% हो गई है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने देश में लगातार बढ़ती महंगाई पर काबू पाने के लिए यह कदम उठाया है. यह लगातार पांचवीं बार है जब इस साल RBI ने रेपो रेट बढ़ाया है.


आपको बता दें कि इसस पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तरफ से 4 बार ब्याज दरों में इजाफा किया जा चुका है. इस साल  केंद्रीय बैंक ने 4 मई को रेपो रेट में 0.4 प्रतिशत, 8 जून को 0.5 प्रतिशत, 5 अगस्त को 0.5 प्रतिशत और 30 सितंबर को 0.5 प्रतिशत की वृद्धि की है.


RBI के रेपो रेट बढ़ाने (Repo Rate Hike) से एक तरह तो आपको लोन की ईएमआई (EMI) बढ़ेगी, वहीं, दूसरी तरह आपके लिए घर-कार खरीदना भी महंगा हो जाएगा. रेपो रेट (Repo Rate) वह दर है, जिसपर आरबीआई (RBI) बैंकों को लोन देता है . इसलिए अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी होती है तो लोन की ब्याज दर भी बढ़ जाती है. जबकि इसके विपरीत रेपो रेट में कटौती से लोन की ब्याज दर भी कम हो जाती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि रेपो रेट में बढ़ोतरी का सीधा असर आपके जेब पर किस तरह पड़ने वाला है. 


रेपो रेट के बढ़ने से आपके  होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan), पर्सनल लोन (Personal Loan) की ईएमआई (EMI) बढ़ने वाली है. इसके अलावा ऑटो लोन और दूसरे अन्य तरह के सभी लोन महंगे हो जाएंगे. अगर किसी व्यक्ति ने पहले  5.90% की दर पर बैंक से लोन लिया था तो उसे अब नई ब्याज दर से ईएमआई भरना होगा. ऐसे में अब पहले की तुलना में उसे अपने लोन पर अधिक ईएमआई चुकाना पड़ेगा.

सम्बंधित खबरें
- Advertisment -spot_imgspot_img

ताजा खबरें