Apr 17, 2026

सचिवालय में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, मास्टर प्लान पुस्तिका के माध्यम से तय होगा उत्तराखंड का उज्ज्वल भविष्य

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देहरादून। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड ने एक और मजबूत कदम बढ़ाया है। पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की बहुप्रतीक्षित मास्टर प्लान पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका वर्ष 2026 से 2031 तक राज्य में होने वाले बुनियादी ढांचा विकास का रोडमैप तय करेगी और उत्तराखंड को आधुनिक, सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने इस मौके पर कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह विजन डॉक्यूमेंट राज्य के भविष्य को नई दिशा देने वाला है। उन्होंने इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उत्तराखंड में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में यह पुस्तिका मार्गदर्शक साबित होगी। सीएम ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिली है और उत्तराखंड भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में सड़कों का व्यापक जाल बिछाया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार अब केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार और आधुनिक तकनीक के माध्यम से टिकाऊ और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर काम कर रही है।

मास्टर प्लान पुस्तिका में 100 से अधिक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का विजन शामिल किया गया है। इसमें सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करना, आर्थिक केंद्रों को जोड़ना, पुलों का विकास और उनकी सुरक्षा, सड़क सुरक्षा उपाय, स्लोप प्रोटेक्शन, आधुनिक तकनीक का उपयोग, वित्तीय प्रबंधन और नीति निर्माण जैसे कई अहम बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने बताया कि सरकार लगातार ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई गति देगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने जानकारी दी कि यह मास्टर प्लान एक गतिशील दस्तावेज है, जिसमें समय-समय पर आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तराखंड तेजी से एक प्रमुख पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है, ऐसे में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाएगा। सरकार तकनीक और इनोवेशन के माध्यम से विकास कार्यों को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कुल मिलाकर, यह मास्टर प्लान पुस्तिका उत्तराखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का एक व्यापक खाका है, जो आने वाले वर्षों में राज्य की आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को नई गति देने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।