नई दिल्ली। गैस किल्लत के बीच एक बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय जहाज ‘नंदा देवी’ 46500 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंच गया है। इस वक्त नंदा देवी से एलपीजी को दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया जा रहा है। मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यह दूसरा जहाज़ है। इससे पहले शिवालिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से लौटा था। एक दिन पहले ही एलपीजी टैंकर शिवालिक गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा एलपीजी लेकर पहुंचा था। इसमें इतनी एलपीजी थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी। अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज़ भारत की कुल एलपीजी आयात की ज़रूरत का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है। वहीं आज नंदा देवी जहाज एलपीजी कैरियर दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के वाडीनार टर्मिनल के पास मिड सी में पहुंचा है। मिड सी में ही नंदा देवी से पूरी 46500 मीट्रिक टन एलपीजी दूसरी शिप में ट्रांसफर की जा रही है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो एलपीजी का आधा स्टॉक एन्नोर पोर्ट में ऑफलोड किया जाएगा और आधा स्टॉक पश्चिम बंगाल के हल्दीआ पोर्ट पर ऑफलोड होगा। डीपीए के अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, आईआरएसएमई ने एमटी नंदा देवी के कप्तान और चालक दल से बातचीत करने और उन्हें मार्गदर्शन देने के लिए जहाज का दौरा भी किया है। बता दें कि इससे पहले नंदा देवी जहाज के मुख्य अधिकारी ने बताया था कि बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय और भारतीय जहाजरानी निगम द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की पहल की गई थी, जिसमें भारतीय और ईरानी नौसेनाओं ने आवश्यक सहायता प्रदान की। उन्होंने कहा कि ये एलपीजी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक संकट के इस दौर में भारत के लिए मददगार साबित होगी।
Trending
मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कोटे के तहत स्कूली शिक्षा और पेयजल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण का आह्वान
शेष मैपिंग कार्य पूरा करने के लिए अधिकारियों ने बढ़ाई गति, तय समयसीमा से पहले लक्ष्य
प्रज्ञानम् एआई चैटबॉट विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए भारतीय विज्ञान और वेदांत परंपराओं से संबंधित प्रश्नों हेतु 24x7 सहायता प्रदान करेगा
कई बंदरगाहों के जरिए एलपीजी वितरण मजबूत
एंटी-करप्शन यूनिट देहरादून ने बिजली लोड और कनेक्शन कार्य के लिए रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर अतुल कुमार को रंगे हाथ पकड़ा
मातृत्व लाभ में अब नहीं होगा भेदभाव
मार्च की भीषण गर्मी में यूपीसीएल को मध्यम अवधि के अनुबंध के तहत 500 मेगावाट बिजली मिलने से उत्तराखंड में ऊर्जा संकट टला
उत्तराखंड राज्य में 15 अप्रैल तक विभागीय वेबसाइटों पर रिक्त पदों और तबादले के लिए पात्र उम्मीदवारों की सूची प्रदर्शित की जाएगी