Feb 10, 2026

सरकारी मंजूरी के बाद उत्तराखंड में जल्द शुरू होंगे स्कूल मरम्मत कार्य

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देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी विद्यालयों की जर्जर स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित जर्जर और क्षतिग्रस्त 16 राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए 568.85 लाख रुपये (करीब 5.68 करोड़ रुपये) की धनराशि को मंजूरी दी गई है। सरकार के इस फैसले से सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

राज्य सरकार ने जिन जिलों के विद्यालयों के लिए बजट स्वीकृत किया है, उनमें रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, चमोली और देहरादून शामिल हैं। विभाग की ओर से निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाएं भी नामित कर दी गई हैं। ऐसे में जल्द ही शासन स्तर से औपचारिक आदेश जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। रुद्रप्रयाग जिले के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली और सल्या के भवनों के पुनर्निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 32-32 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। वहीं, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल के पुनर्निर्माण के लिए 40.30 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। पिथौरागढ़ जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई के भवन पुनर्निर्माण के लिए 39 लाख रुपये, गैला में कक्षा कक्ष और प्रधानाध्यापक कक्ष के निर्माण के लिए 20.47 लाख रुपये तथा मल्ला वल्थी विद्यालय के लिए 20.30 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। टिहरी जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन को 34.86 लाख रुपये, सौन्दकोटी मल्ली को 37.36 लाख रुपये, मंजूरीडागर को 39.94 लाख रुपये और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा को 29.59 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। इसके अलावा, चमोली जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के पुनर्निर्माण के लिए 77.11 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर को 33.05 लाख रुपये और प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन को 36.87 लाख रुपये की धनराशि दी गई है। इन सभी विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग और पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, आधारभूत ढांचे और सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।