किच्छा और मैनपुरी के तस्करों का नेटवर्क ध्वस्त, रुद्रपुर में पुलिस ने बरामद किया आधा टन से ज्यादा गांजा

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मुख्यमंत्री के 'नशा मुक्त देवभूमि' के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए उधम सिंह नगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस ने नशे के बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करते हुए 558.78 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपए आंकी गई है।

उत्तराखंड में ‘नशा मुक्त देवभूमि’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में उत्तराखंड पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। उधम सिंह नगर जिला पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 558.78 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपये आंकी गई है। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई। 18 अप्रैल 2026 को कोतवाली रुद्रपुर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बागवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध कैंटर वाहन को रोका। तलाशी के दौरान पुलिस को वाहन में सुतली रस्सियों के गट्ठरों के बीच बेहद चालाकी से छिपाकर रखे गए 18 प्लास्टिक कट्टों और तीन स्कूल बैगों में गांजा मिला। मौके से संजय गुप्ता (निवासी किच्छा), डीटू यादव और मोहित यादव (दोनों निवासी मैनपुरी, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच मोबाइल फोन और 29,880 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि गांजे की यह खेप ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से लाई गई थी और इसे रुद्रपुर में स्थानीय तस्करों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी संजय गुप्ता पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ अवैध नशे के कारोबार से अर्जित लगभग 3 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि तस्करों की योजना इस नशीले पदार्थ को आगामी चारधाम यात्रा और अर्धकुंभ मेला के दौरान खपाने की थी। समय रहते कार्रवाई कर पुलिस ने इस साजिश को विफल कर दिया। इस बड़ी सफलता पर पुलिस टीम को 7,500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि देवभूमि को नशे के जाल से मुक्त किया जा सके।