Thursday, May 23, 2024
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उत्तराखंड: शिक्षकों की इन तीन मांगों पर बन गई सहमति! अगले दो दिनों में महकमा करेगा आदेश

उत्तराखंड में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच चले आ रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षा महानिदेशक स्तर पर इस मामले में शिक्षक संगठन से बात करते हुए तीन मांगों पर सहमति जता दी गई है। खास बात यह है कि शिक्षा महानिदेशक ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए अगले दो दिनों में इन मांगों से जुड़े आदेश किए जाने का भी आश्वासन दे दिया है।

उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय शिक्षक संघ का आंदोलन अब कुछ मांगों को पूरा करवाने की तरफ बढ़ता दिख रहा है। बड़ी बात यह है कि आंदोलन के विभिन्न चरणों में शिक्षा विभाग के लिए सिर दर्द बने शिक्षकों की मांग को पूरा करने के लिए जल्द आदेश होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि कई सूत्रीय मांगों में से फिलहाल तीन मांगों को पूरा करने पर सहमति बनाई गई है। ऐसे में यदि इन तीन मांगों पर आदेश होता है तो इसे राजकीय शिक्षक संघ की एक बड़ी जीत भी माना जा सकता है। इस संदर्भ में शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने आज राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारी से बातचीत की और उनकी विभिन्न मांगों को लेकर एक बार चर्चा की गई। इस दौरान महत्वपूर्ण तीन मांगों पर सहमति बन गई है। इसमें सहायक अध्यापक से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए पूर्व में पारित आदेश के खिलाफ मोटिफिकेशन दायर किए जाने, 5400 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को राजपत्रित घोषित किए जाने और अंतर मंडलीय ट्रांसफर किए जाने की मांग शामिल है। इन तीनों ही मामलों पर शिक्षा महानिदेशक ने हामी भरते हुए अपनी सहमति दे दी है। राजकीय शिक्षक संघ के साथ शिक्षा महानिदेशक की हुई इस बैठक के दौरान निदेशक सीमा जौनसारी अपर निदेशक माध्यमिक महावीर सिंह बिष्ट समेत दूसरे कई शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। बड़ी बात यह भी है कि इसको लेकर फौरन शिक्षा सचिव के स्तर पर प्रमोशन से जुड़े मुद्दे को लेकर आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसके तहत लोक सेवा अधिकरण के द्वारा पारित आदेश के खिलाफ मोटिफिकेशन एप्लीकेशन दायर किए जाने के लिए माध्यमिक शिक्षा के निदेशक को अधिकृत किया गया है। इसके अलावा बाकी दो मांगों पर भी अगले दो दिनों में ही आदेश किए जाने की बात कही जा रही है।

राजकीय शिक्षक संघ की तरफ से अपनी मांगों को लेकर पहले ही निदेशालय में तालाबंदी से लेकर प्रभारी प्रधानाचार्य के पद को वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा छोड़ने का काम किया जा चुका है जबकि अगली कड़ी में आंदोलन को और भी तेज करने की चेतावनी दी गई थी। इस सब के बीच शिक्षा विभाग ने अब इन मांगों पर गंभीरता जताते हुए राजकीय शिक्षक संघ को आपसी मंथन के लिए आमंत्रित किया था, जिसके बाद अब तीन मांगों पर सहमति बन गयी है। उधर राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने विभिन्न मांगों को लेकर आदेश होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान के मुताबिक मांगों पर आदेश होने के बाद ही इस आंदोलन को स्थगित करने पर विचार किया जाएगा। उधर दूसरी तरफ शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने कहा कि शिक्षकों के हितों को लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह से गंभीर है और जो भी जायज मांगें हैं उन पर विभाग की तरफ से विचार किया जा रहा है। शिक्षा विभाग की कोशिश है कि शैक्षणिक कार्यों को लेकर किसी भी तरह का व्यवधान न हो और इसके लिए राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारी से भी बात की गई है।

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