Monday, June 17, 2024
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विचारः राजनीति और विचारधारा से आगे की बात करती है ‘द केरल स्टोरी’

फिल्मों के थिएटर में आने से पहले आजकल विरोध और फिल्मों का विवादित होना एक फैशन सा बन गया है। विवादों में शाहरुख़ खान की फिल्म पठान भी आई जिसने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। उसके बाद हाल ही में आई फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ विवादों में आ गई। जिसपर एक समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया जाने लगा। विवादित फिल्म न देखने की गलती दोबारा दोहराना समझ में नही आ रहा था और मौका लगते हैं द केरल स्टोरी देख डाली। फिल्म देखने के बाद सोचा समीक्षा लिखें या फिर आर्टिकल, तो सोचा चलो कुछ और ही लिख देते हैं क्योंकि यह फिल्म भी कुछ और ही है।

केरल के एक बड़े नर्सिंग कॉलेज में दाखिला लेने के बाद तीन लड़कियों की जिंदगी कैसे बदल जाती है इसी कहानी पर आधारित है। विपुल शाह के निर्देशन में 40 करोड़ के बजट में बनी फिल्म द केरल स्टोरी ने अपने पहले ही दिन में करीब 8 करोड़ की कमाई कर ली है। बता दे कि 2023 में आई फिल्मों में यह पांचवीं सबसे बड़ी ओपनिंग बताई जा रही है हालांकि फिल्म की सफलता आने वाले सप्ताह पर निर्भर करेगी।

फिल्म की कहानी
लव-जिहाद में फंसी केरल की 3 लड़कियों और उनके परिवारों की कहानी पर आधारित यह फिल्म आपको एक अलग परिदृश्य में लेकर जाती है। जिसे कुछ लोगों के लिए देखना तो दूर की बात है उनके लिए ऐसा सोचना भी उनकी कल्पना से परे है फिल्म के कई ऐसे दृश्य हैं जो आपको अंदर तक झंकझोर कर रख देंगे। हालांकि मनोरंजन और मसाला मूवी के शौकीन इससे दूरी बनाना बेहतर समझेंगे।

फिल्म का निर्देशन कई दृश्यों में आपको हॉलीवुड की झलकियां दिखाता है तो वहीं कई दृश्यों में निर्देशन में कुछ कमजोरियां मिलती हैं। एक्टिंग की बात करें तो कोई भी बड़ा चेहरा नहीं दिखता। मुख्य किरदार अदा शर्मा ने अपनी भूमिका को निभाने की पूरी कोशिश की, बावजूद इसके कुछ दृश्यों में वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने से चूकती नजर आई। दूसरे किरदारों की बात करें तो कुछ दृश्यों को छोड़ दिया जाए तो सभी ने अपनी भूमिका को बखूबी निभाया। फिल्मों के दूसरे क्षेत्रों की बात करें तो संगीत और सिनेमैटोग्राफी जैकलिन कमाल किया गया है।

फिल्म का टीजर आते ही सोशल मीडिया बवाल शुरू हो गया। इसी बीच मुस्लिम यूथ लीग ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया और बयान जारी किया कि 32000 नहीं यदि 32 लड़कियों का भी डाटा दे दिया जाए तो यह साबित करने वालों को 11 लाख रुपए की धनराशि देंगे। हालांकि फिल्म में दिखाया गया कि भारत से गई लड़कियों के गायब होने का डाटा अन्तराष्ट्रीय सुरक्षा एंजेसियों के पास भी नही था। जबकि 3 लड़कियों की कहानी में 1 के माता-पिता का बयान और 1 लड़की की आपबीती पर आधारित है। फिल्म के अंत में एक परिवार जिसकी बेटी ने इस चंगुल में फंस कर आत्महत्या कर ली और एक लड़की जो ऊंची ऊंची मानसिकता वालों का शिकार हो, उन्हें दिखाए गया है। एनएनआई की रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में ज्यादातर सिनेमाघरों में यह फिल्म नही दिखाई जा रही और मालिकों ने इसके शो कैंसिल कर दिए हैं। ऐसे में सवाल संख्या, राजनीति या विचारधारा से इतर इंसानियत का नही है बल्कि जाल का है जिसमें हैवानियत के चंगुल में फंसी लड़की का है। जो इंसानियत की दुहाई देने वाले समाज को शर्मसार करने वाली बात है।

बीजेपी से सवाल
द केरल स्टोरी का टीजर रिलीज होते ही भाजपा ने समर्थन के लिए दोनों हाथ खोल दिए। भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं को फिल्म दिखाई। इसे चुनावी हितों को साधने के तौर पर भी देखा जा रहा है। हांलाकि राजनीति में हर पार्टी अपनी विचारधारा के अनुकूल मौके बनाती है लेकिन सवाल राजनीति-विचारधारा का नही है फिल्म के सहयोग में खड़ी बीजेपी का भी दावा है कि ये फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। अगर ऐसा है तो जिन महिलाओं और परिवारों के साथ यह निर्ममता हुई है उनके साथ भाजपा कहां खड़ी है? और यह कुकृत्य करने वालों के साथ केंद्र सरकार क्या कार्रवाई करने की योजना बना रही है? सवाल बड़े है लेकिन यह चर्चा फिल्म के थिएटर से उतरने तक ही सीमित हैं। तो क्या यह सवाल पार्टी से ज्यादा वोटर को चुभेंगे और क्यों?

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